प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध हिन्दी में - Essay On Plastic Pollution in Hindi

मित्रों आपका स्वागत है हमारे आज के इस लेख पर, यहां पर आप पढ़ने वाले हैं प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध सरल हिन्दी भाषा में। 

धरती पर जमा हो रहे प्लास्टिक के कचरे से प्रदूषण व गंदगी की समस्या उत्पन्न होती है, शहरों की सड़कों के किनारे की नालियों में उत्पादों के पैकेट तथा प्लास्टिक द्वारा निर्मित घरेलू वस्तु को यूं ही फेंक दिया जाता है, इसी कारण बारिश के मौसम में नालियों में गंदा पानी जमा हो जाता है जिसमें मच्छर पनपने लगते हैं और आप सभी को पता है कि मच्छर के काटने से मलेरिया हो जाता है।

पॉल्यूशन या प्रदूषण के जिम्मेदार मनुष्य ही है, यदि हमने पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में Plastic Pollution की प्रॉब्लम बढ़ सकती है। इस Hindi Essay के द्वारा plastic pollution के कारण और निवारण के बारे में कुछ जरूरी बातें बताई गई है।

प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध - Essay On Plastic Pollution in Hindi

प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध हिन्दी में - Essay On Plastic Pollution in Hindi

प्रस्तावना –

प्लास्टिक तथा प्लास्टिक से बनने वाली वस्तुओं का उपयोग आजकल आम हो चुका है सामान ले जाने के लिए लोगों द्वारा प्लास्टिक का विकल्प चुना जाता है यह बहुत आसानी से सभी छोटे - बड़े दुकानों में मिल जाता है आवश्यक उत्पाद भी प्लास्टिक से बने पैकेट पर ही आते हैं प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं का उपयोग अभी के समय में हर व्यक्ति करने लगा है, प्लास्टिक के अधिक उपयोग से प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती जा रही है।

कई बार प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने की बात भी सामने आती है पर इसका कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलता प्रतिदिन सड़कों के किनारे तथा बाजारों में प्लास्टिक कचरे यहां-वहां बिखरे पड़े देखे जा सकते हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण क्या है – What is plastic pollution in Hindi?

प्लास्टिक या पॉलिथीन से बनने वाली किसी भी वस्तुओं का सड़कों पर, घर के आस-पास, भूमि पर, जल या नदियों पर एकत्रित होना प्लास्टिक प्रदूषण (plastic pollution) कहलाता है। प्लास्टिक दिखने में साधारण लगता है किंतु यह वन्य जंतु, पालतू पशु तथा मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होता है इसके दुष्परिणाम अक्सर देखने सुनने को मिले ते रहते हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण का कारण क्या है? – What is the cause of plastic pollution?


(1) अत्यधिक प्लास्टिक का उपयोग – 


प्लास्टिक के द्वारा वातावरण में फैल रहे प्रदूषण का मुख्य कारण अत्यधिक प्लास्टिक का उपयोग करना है, जब भी बाजारों या दुकानों से घर का राशन लाना हो तो व्यक्ति कपड़े से बने थैली का उपयोग करने के बजाय प्लास्टिक की बनी थैली का उपयोग करता है।
बड़े-बड़े दुकानों और मॉल में भी प्लास्टिक पर ही उत्पाद थमा दिए जाते हैं, यदि लोगों के समक्ष प्लास्टिक वाली थैली व् कपड़े की थैली रखी जाए तब भी अधिकतर लोग प्लास्टिक थैली का ही  चुनाव करेंगे अभी के समय में प्लास्टिक जैसे फैशन बन गया है लेकिन प्लास्टिक पर इतनी निर्भरता भविष्य में अत्यधिक नुकसानदेह साबित हो सकता है वैसे भी इसके दुष्परिणाम हमें देखने को मिलते रहते हैं।

(2) प्लास्टिक का विघटित ना होना –


यदि प्लास्टिक को अन्य कचरे के साथ कूड़ेदान में कुछ वर्षों के लिए डाल दिया जाए तो बाकी के पदार्थ कुछ महीनों के बाद विघटित होकर खाद में परिवर्तित हो जाते हैं किंतु प्लास्टिक सालों तक वैसा का वैसा ही रहता है, प्लास्टिक सड़ते गलते नही है इसी वजह से प्लास्टिक की मात्रा बढ़ती जा रही है। घर से बाहर निकलें तो सड़कों के किनारे, नालियों में प्लास्टिक पड़े मिलते हैं, हमारे पर्यावरण में प्रतिवर्ष कई टन प्लास्टिक कचरेंं एकत्रित होते हैं जो भूमि में पड़े रहते है इसी वजह से प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ती जा रही है।

प्लास्टिक प्रदूषण का प्रभाव – 


(1) जलीय जीवों के लिए हानिकारक –


प्लास्टिक प्रदूषण का बहुत बुरा प्रभाव जलीय जीवो में देखने को मिलता है दर्शनीय स्थल तथा पिकनिक के लिए गए लोगों द्वारा वहां की नदियों के किनारे प्लास्टिक की बनी वस्तुओं जैसे प्लास्टिक ग्लास, बॉटल या अन्य चीजें फेंक दिए जाते हैं जो जल में चला जाता है और प्रवाहित होते हुए समुद्र तक पहुंच जाता है, समुद्री जीव प्लास्टिक को भोजन समझ के खा जाते हैं और वह उनके आंतों में फंस जाता है, प्लास्टिक की वजह से ही जल में रहने वाले जीवों जैसे – मछली, केछुवा सहित अन्य जलीय जीव जंतुओं की मृत्यु हो जाती है।

(2) पशुओं के लिए हानिकारक – 


पालतू तथा वन्य पशुओं के लिए भी यह हानिकारक होता है आजकल लोग प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का अत्यधिक उपयोग करने लगे हैं, जब प्लास्टिक के उपयोग के बाद उसे फेंक दिया जाता है तो आसपास चरने वाले पालतू पशु प्लास्टिक को अपनी चारा (भोजन) समझ कर खा जाते हैं कई बार यह प्लास्टिक उनके गले में फंस जाता है, यदि पशु प्लास्टिक खा जाए तो उसे पचाने में मुश्किल हो जाता है इसके कारण पशु बीमार होने लगता है, जब पशु चिकित्सक द्वारा पशु का इलाज किया जाता है तो पाया जाता है कि पशु प्लास्टिक खा लिया है।

(3) जल को प्रदूषित करता है – 


मनुष्य तथा पृथ्वी पर मौजूद सभी जीव जंतुओं के जीवित रहने के लिए जल अनिवार्य होता है, लेकिन आज जल प्रदूषण (water pollution) की समस्या बढ़ती जा रही है वैसे तो कई कारण हैं जल प्रदूषण के लेकिन उनमें से एक कारण प्लास्टिक भी है।
समुद्र तथा नदियों के किनारे घूमने गए सैलानियों द्वारा प्लास्टिक के पैकेट या डिस्पोजल गिलास आदि को कूड़ेदान में डालने के बजाय वही फेंक देते हैं जो हल्की हवा की झोंको से समुद्र जल में चले जाते हैं, हर साल कई टन प्लास्टिक कचरा जल में प्रवाहित हो जाता है जो जल को प्रदूषित कर देता है, प्लास्टिक का अत्यधिक कचरा पिकनिक या पर्यटन स्थल में देखने को मिलता है।

(4) भूमि प्रदूषण होता है –


भूमि या मृदा प्रदूषण का एक कारण प्लास्टिक का एकत्रित होना भी है, आजकल दैनिक जीवन में प्लास्टिक की वस्तुओं को उपयोग के बाद घर से बाहर कहीं भी फेंक दिया जाता है, प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जो सड़ता भी नहीं है तो ऐसे में पर्यावरण पर बुरा प्रभाव तो पड़ेगा ही साथ ही भूमि भी प्रदूषित होगा। जमीन पर फेंका गया प्लास्टिक कई साल बाद धूल मिट्टी की वजह से जमीन के अंदर चला जाता है यदि इसी तरह भूमि में प्लास्टिक की अधिकता हो जाए तो वहां की भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाएगी जो छोटे पेड़ पौधों पर बुरा प्रभाव डालेगा।

(5) वायु को भी प्रदूषित करता है –


प्लास्टिक को नष्ट करने के लिए लोग इसे इकट्ठा करके आग में जला देते हैं जिसके पश्चात इससे निकलने वाली जहरीली धुंवे से वहां की वायु प्रदूषित हो जाती है, प्लास्टिक के जलने से निकलने वाली धुंआ मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

प्लास्टिक प्रदूषण को कैसे रोके? – How to stop plastic pollution?

नीचे हमने प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध के जरिए इस प्रदूषण को रोकने या कम करने के कुछ तरीके साझा कर रहे हैं जो इस प्रकार है।

(1) प्लास्टिक के बजाय प्रदूषण-रहित चीजों का उपयोग करके – 


प्लास्टिक इतनी सस्ती मिलती है की हर व्यक्ति इसका ही उपयोग करता है लेकिन यदि प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को रोकना है तो इसके लिए हमें प्रदूषण-रहित (pollution free) वस्तुओं का अधिक उपयोग करना होगा जितना हो सके प्रदूषण फैलाने वाले चीजों के उपयोग से बचने की कोशिश करें।

(2) प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करके –


केवल एक व्यक्ति द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण को रोकना असंभव है क्योंकि अत्यधिक लोग प्रतिदिन प्लास्टिक कचरा फैला रहे हैं ऐसे में हमें आस पड़ोस के लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूक करना होगा और इसके बजाए प्रदूषण रहित चीजों को उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना होगा।

(3) प्लास्टिक पर निर्भर ना रहें –


आजकल सभी लोग प्लास्टिक से बनने वाली चीजों पर निर्भर हो चुके हैं क्योंकि यह बहुत सस्ती और टिकाऊ होती है लेकिन इसी आदत की वजह से प्लास्टिक प्रदूषण (plastic pollution) बढ़ती जा रही है इस pollution पर रोक लगाने के लिए पॉलिथीन पर निर्भरता खत्म करनी होगी।

(4) प्लास्टिक के पुनरुपयोग पर विचार –


प्लास्टिक बहुत सस्ती दामों में मिल जाते हैं इसलिए लोग इसे एक बार इस्तेमाल करके फेंक देते हैं इसलिए प्रदूषण बढ़ जाती है अगर प्लास्टिक का उपयोग कर भी रहे हैं तो इसे एक बार इस्तेमाल के बाद ना फेंके बल्कि इसका जितना बार उपयोग हो सकता है उतनी बार करें, ऐसा करने से कुछ हद तक प्रदूषण कम हो सकता है।

उपसंहार –


वर्तमान में प्लास्टिक का उपयोग अलग अलग कार्यों में किया जाता है जैसे उत्पादों की पैकेट, कैप्सूल की पैकेट, वाहनों के भागों को तैयार करने में यहां तक कि हमारे घरों में उपयोग होने वाले वस्तुएं भी प्लास्टिक की बनी होती है, TV या अन्य इलेक्ट्रॉनिक मशीनों की बाहरी ढांचा तैयार करने में भी प्लास्टिक उपयोग होता है, ऐसे में प्लास्टिक पर पूर्ण रोक लगाने से भी कई काम ठप हो सकते हैं इसलिए कुछ कार्यों के लिए प्लास्टिक का उपयोग करना जरूरी हो जाता है। लेकिन प्लास्टिक प्रदूषण को देखते हुए प्लास्टिक का उपयोग कम करना होगा ताकि पर्यावरण स्वच्छ बनी रहे।

प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध 10 लाइन हिंदी में


(1) प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसे किसी भी रूप में ढाला जा सकता है यह बहुत सस्ती तथा किफायती होती है जिसके कारण इसका उपयोग बहुतायत में होता है।

(2) प्लास्टिक का उपयोग बाजारों तथा दुकानों में मिलने वाले  खाने के पैकेट या जंक फूड के पैकेट बनाने में किया जाता है साथ ही किसी भी प्रकार के द्रव या पेय पदार्थ को रखने हेतु इसका इस्तेमाल होता है जैसे कि जूस, मिनरल वॉटर/पानी आदि।

(3) दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले ज्यादातर वस्तुएं प्लास्टिक की बनी होती है जैसे कुर्सी, बॉटल, इलेक्ट्रॉनिक मशीनों की बाहरी ढांचा (body), कच्चे खाद्य पदार्थ जैसे आटा, मैदा, बेसन आदि products की packing plastic पैकेट में ही की जाती है।

(4) Plastic सस्ती तथा किफायती होने की वजह से इसका उपयोग अत्यधिक होता जा रहा है जिसके कारण plastic pollution बढ़ता जा रहा है।

(5) दावत, पार्टी या शादी जैसे बड़े कार्यक्रमों में भी plastic का उपयोग होता है लोगों को जलपान करने हेतु, इस कारण प्लास्टिक कचरा जमा हो जाता है जिसे नष्ट नही किया जा सकता।

(6) Plastic pollution से अधिक नुकसान पशु - पक्षी तथा जल में रहने वाले जीवों को पहुंचता है क्योंकि जब जल में प्लास्टिक कचरा बढ़ जाता है तो जलीय जंतु उसे अपना भोजन समझकर खा जाते हैं और इसी वजह से कई जीवों की मृत्य हो जाती है।

(7) पशुओं के अलावा मनुष्य में भी सांस संबंधी रोगों के लिए प्लास्टिक पॉल्यूशन जिम्मेदार होते हैं इसके जलने से निकलने वाली जहरीली धुंवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

(8) प्लास्टिक के दो प्रकार होते हैं थर्मोप्लास्टिक तथा थर्मोसेटिंग।

(9) प्लास्टिक बनाने के लिए कई अलग अलग तत्वों को मिलाया जाता है जिनमें ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, कार्बन, क्लोरीन आदि तत्व प्रयुक्त किए जाते हैं।

(10) प्लास्टिक कई तरीके से उपयोग में लाए जाते हैं लेकिन यह पर्यावरण को नुकसान भी पहुंचता इसी वजह से प्लास्टिक का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है।

FAQ's -


Q1. सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है?
Ans: ऐसी प्लास्टिक की वस्तुएं जिन्हें एक बार इस्तेमाल करने के बाद दोबारा उपयोग में नहीं ला सकते single use plastic कहते हैं। जैसे कि डिस्पोजल ग्लास, जंक फूड के पैकेट आदि।

Q2. प्लास्टिक के क्या क्या उपयोग है?
Ans: पॉलिथीन का उपयोग पानी की बोतल बनाने और खाद्य पदार्थों को पैक करने में अधिक किया जाता है, हालांकि इसके अलावा कई अन्य उत्पादों जैसे प्लेट, चम्मच, स्ट्रॉ, बर्तन, खिलौने, घरेलू वस्तुएं, मशीनों के पार्ट्स आदि के निर्माण में प्लास्टिक यूज होता है।

इस पोस्ट के बारे में –

मित्रों इस पोस्ट के द्वारा हमने प्लास्टिक प्रदूषण पर निबंध हिन्दी में - Essay on plastic pollution in Hindi के बारे में जानकारी दी है उम्मीद करते आपको यह essay on plastic pollution in Hindi से कुछ जानने और सीखने को मिला हो इसे आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें ताकि उन तक भी जानकारी पहुंच सके। इस लेख से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल पूछना चाहते हैं तो please comment करें हम आपके सभी सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। धन्यवाद!

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