बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव पर निबंध

मित्रों छोटे बच्चों में भी आजकल मोबाइल उपयोग करने की जिज्ञासा अत्यधिक बढ़ गई है बच्चे जिद करते हैं कि उन्हें एक नया स्मार्टफोन चाहिए, कई लोग तो पढ़ाई करने के बदले में स्मार्टफोन की शर्त रखते हैं, और पढ़ाई खत्म करने के बाद उसमें गेम खेला करते हैं, लेकिन क्या हुआ अगर वह मोबाइल इंसान की लत बन जाए, यही आजकल के युवा पीढ़ी और छोटे बच्चों के साथ हो रहा है, छोटे बच्चे मोबाइल के चंगुल में फंसते जा रहे हैं, मोबाइल एप्लीकेशन गेम में अपना कीमती टाइम व्यर्थ गंवा रहे हैं और इससे उनकी पढ़ाई पर भी फर्क पड़ रहा है, मित्रों हमारे आज के इस लेख में बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव पर निबंध पढ़ने वाले हैं, तो बिना देरी किए आइए इस लेख को प्रारंभ करते हैं।

बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव पर निबंध

बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव पर निबंध
बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव


विकसित तकनीकी के बाद मोबाइल फोन का उपयोग आजकल हर कोई करता है, पहले के समय में इसका उपयोग केवल बड़े किया करते थे किंतु अभी छोटे बच्चे भी मोबाइल का उपयोग करने लगे हैं, जहां मोबाइल के कई फायदे हैं वहीं इसके बहुत से नुकसान है, छोटे बच्चे को मोबाइल फोन देने से वह उसमें घंटो तक वीडियो गेम खेलते रहते हैं इससे उनका ध्यान वीडियो गेम में अधिक और पढ़ाई में कम हो जाता है।


मोबाइल की उपयोगिता जैसे-जैसे बढ़ी है वैसे वैसे अनेक प्रकार की मोबाइल गेम आने लगे हैं, पहले के समय में मोबाइल फोन पर केवल कुछ गेम्स आते थे किंतु स्मार्टफोन के आते ही तरह-तरह के एप्लीकेशन और गेम आने लगे हैं जिन पर छोटे बच्चे अपना ज्यादातर वक्त बिताते हैं।


गेम की वजह से बच्चों का ध्यान खाने पीने में भी नहीं रहता, खेलते खेलते घंटो कैसे बीत जाते हैं पता ही नहीं चलता, इससे उनका पढ़ाई का भी नुकसान होता है, बच्चे वक्त पर अपना होमवर्क पूरा नहीं कर पाते, रोज-रोज इन्हीं आदतों की वजह से उनका परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं हो पाता है, पहले के समय में जहां इतनी डिजिटल सुविधाएं नहीं हुआ करती थी तब बच्चे खूब मन लगाकर पढ़ाई करते थे, उनका ध्यान यहां वहां नहीं भटकता था, अपना गृह कार्य भी समय पर पूरा करते थे लेकिन जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ती गई बच्चों के लिए तरह-तरह के उपकरण आने लगे।


स्मार्टफोन पर ही आजकल पढ़ाई से संबंधित सभी जानकारियां मिल जाती है छोटे बच्चे जो दूसरी तीसरी पांचवी 12वीं से लेकर कॉलेज तक पढ़ते हैं वह सभी मोबाइल का उपयोग करते हैं और ऑनलाइन तरीके से प्रश्नों का उत्तर खोजते हैं, मोबाइल की उपयोगिता को देखते हुए अब तो ऑनलाइन क्लास भी होने लगे हैं, ऑनलाइन तरीके से अध्यापक बच्चों को अध्ययन कराते हैं।


ऑनलाइन एजुकेशन के बाद से अभिभावकों ने सभी बच्चों को मोबाइल चलाने की इजाजत दे दी है, यदि इसका उपयोग सही से किया जाए, अपनी पढ़ाई के लिए किया जाए, इंटरनेट के माध्यम से अपने प्रश्नों का जवाब प्राप्त करने के लिए किया जाए तो इससे कोई नुकसान नहीं है बल्कि इससे बच्चों का फायदा ही होगा उन्हें प्रतिदिन नई-नई चीजें जानने को मिलेगी किंतु अधिकतर बच्चे मोबाइल का सदुपयोग नहीं करते।

ज्यादातर बच्चों को स्मार्टफोन पर गेम्स और ऑनलाइन वीडियोस देखने में अधिक दिलचस्पी होती है, जो अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीरता रखते हैं केवल वही गूगल पर अपनी काम की चीजें खोजते हैं।


जबसे स्मार्टफोन की मांग बाजारों में बढ़ी है तब से छोटे बच्चे उसी में अपना मनपसंद गेम्स डाउनलोड करके खेलने लगे हैं, लंबे समय तक एक जगह बैठ कर मोबाइल पर गेम खेलना नुकसानदायक हो सकता है, इससे उनकी फिजिकल एक्टिविटी नहीं होती है, शारीरिक गतिविधियां रुक जाने से बच्चों में मोटापे की समस्या हो रही है, अधिक वजन बढ़ने से कई तरह के अन्य बीमारी हो सकते हैं।


स्वास्थ्य जीवन के लिए बच्चों को मोबाइल पर कम  वक्त बिताना चाहिए और बाहर मैदान में जाकर अपना पसंदीदा खेल खेलना चाहिए इससे उनकी शारीरिक गतिविधियां बनी रहेगी और सूर्य के प्रकाश से उन विटामिन डी मिलेगी जो कि हेल्दी लाइफ़स्टाइल के लिए जरूरी होता है।


बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभावआजकल देखने को मिलते हैं, जो बच्चे अत्यधिक देरी तक मोबाइल स्क्रीन पर गेम्स खेलते हैं उनकी आंखों की रोशनी कम हो सकती है, बच्चों में नेत्र रोग की समस्या उत्पन्न हो सकती है, पहले जहां टेलीविजन के सामने बच्चे घंटों तक अपना पसंदीदा धारावाहिक देखते थे अब वह सब अपने स्मार्टफोन पर देखा करते हैं, जब मोबाइल का उपयोग किया जाता है तब उसका स्क्रीन हमारे नेत्रों के समीप होती है और आंखों में तीव्र रोशनी और ब्लू लाइट पड़ने की वजह से नेत्रों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इससे नेत्र संबंधी कई रोग उत्पन्न हो सकते हैं। 


मोबाइल फोन का उपयोग करना कोई गलत बात नहीं है, यह गलत तब हो जाता है जब मोबाइल फोन का सर्वाधिक उपयोग किया जाए, मोबाइल में आवश्यक सभी सहूलियत मिल जाती है, मनोरंजन के साधन पहले जहां टेलीविजन में हो होते थे वह अब स्मार्टफोन में भी होते हैं, गेम्स खेलना हो, इंटरनेट पर जोक्स पढ़ना हो, पसंदीदा टीवी सीरियल देखना है, फिल्म देखना हो या अन्य मनोरंजन के साधन मोबाइल में ही उपलब्ध हो गए हैं जिसकी वजह से फोन की लत लग चुकी है।


बहुत से लोगों को अपने मोबाइल फोन की चिंता सताती है यदि फोन उनसे दूर हो जाए या कुछ देर के लिए खो जाए तो वह टेंशन में आ जाते हैं उन्हें डर लगता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनको मोबाइल फोन की लत लग चुकी है।  मोबाइल फोन की वजह से बहुत से लोग अपने खाने पीने पर भी ध्यान नहीं देते, फोन में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने की सुविधा, ऑनलाइन खरीदी करने की सुविधा भी मिलती है, यदि इतनी सारी सुविधाएं मोबाइल फोन  में ही मिल जाए तो मोबाइल से लगाव किसे नहीं होगा।


मोबाइल की लत केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं है बल्कि बड़े भी मोबाइल का सर्वाधिक उपयोग करने लगे हैं, घर में बच्चे से लेकर बड़े तक किसी के पास एक दूसरे से बैठकर बातें करने का वक्त नहीं है, हर कोई अपने दोस्तों के साथ फोन पर बात करने लगा है, मोबाइल फोन में इंसान को अपनों से दूर कर रखा है, पहले जहां दफ्तर से काम करके लोग घर लौटते थे अपने परिवार के साथ बैठकर भोजन करते थे दिन भर की बातें किया करते थे वह सब आज लगभग खत्म सा हो गया है. बहुत से परिवार आज ऐसे हैं जो रहते तो एक ही घर में है किंतु परिवार के सदस्यों के बीच कभी इत्मीनान से बातें नहीं होती, लोग परिवार के सदस्य से बात नहीं करते किंतु हजारों किलोमीटर दूर स्थित अपने मित्रों से घंटो तक बातें करते हैं।


मोबाइल फोन का आविष्कार मानव की सुविधाओं के लिए किया गया है पहले जहां लोगों को अपनी सूचनाएं पहुंचाने के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता था, उसे आसान बनाते हुए मोबाइल ने सूचनाओं को सेकेंड्स में लोगों तक पहुंचा दिया है। किसी भी चीज के प्रति अत्यधिक लगाव नुकसानदेह साबित होता है, मोबाइल पर उनका उपयोग लोगों को हमेशा उचित मकसद से किया जाना चाहिए, फोन एडिक्शन उतना ही हानिकारक है जितना की एल्कोहल, लत किसी भी चीज की हो नुकसानदायक होता है, इसलिए फोन का उपयोग तभी करना चाहिए जब उसकी जरूरत हो।

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आखरी शब्द -  बच्चों पर मोबाइल फोन के हानिकारक प्रभाव पर निबंध

दोस्त मोबाइल फोन का होना आज के समय में बहुत ज्यादा जरूरी है किंतु हमें यह पता होना चाहिए कि यदि हम आवश्यकता से अधिक मोबाइल का उपयोग करते हैं तो यह हमारे लिए ही नुकसानदायक होगा, क्योंकि लत चाहे किसी भी चीज की हो उसका प्रभाव हानिकारक होता है, यदि खीर में आवश्यकता से अधिक चीनी लगा दिया जाए तो वह भी बेस्वाद हो जाता है उसी प्रकार यदि हम आवश्यकता से अधिक फोन का इस्तेमाल करते हैं तो इससे हमें आनंद मिलता है किंतु भविष्य में हमें नुकसान झेलना पड़ सकता है, क्योंकि मोबाइल के अधिक उपयोग से हमारा कीमती वक्त जाया होता है, हम काम पर ध्यान नहीं दे पाते, पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते अंततः बेरोजगारी का शिकार हो जाते हैं। इसलिए मोबाइल का सदुपयोग करना चाहिए।

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