Raksha Bandhan Par Nibandh in Hindi | रक्षा बंधन निबंध | Essay on Raksha Bandhan

मित्रों आज के इस लेख में रक्षाबंधन पर निबंध - Raksha Bandhan Par Nibandh in Hindi के बारे में बताने वाले हैं। रक्षाबंधन क्यों मनाते हैं? इससे जुड़ी ऐतिहासिक तथा पौराणिक कहानियां, आधुनिक युग में किस प्रकार यह त्यौहार मनाया जाता है? इत्यादि जानकारियां इस लेख में देने का प्रयास किया है।

प्रस्तावना

रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसे पूरे भारत देश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है इसका बहुत बड़ा महत्व है। इस दिन बहन अपने भाइयों को राखी (Raakhi) बांधती है, राखी एक रक्षासूत्र की तरह होता है इसलिए इसे Raksha Bandhan कहते हैं। 

रक्षा बंधन क्या होता है?

यह भाई बहन का त्यौहार होता है इस वाले दिन सभी बहनें अपने अपने भाइयों की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र या रक्षाबंधन बांधते हैं। रक्षा बंधन का पर्व श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। देश में रहने वाले भाई बहन तथा दूर किसी अन्य देशों में रहने वाले भाई बहन भी इस दिन अपने सगे भाइयों को राखी भेजना नहीं भूलते। वैसे भी रक्षाबंधन में विद्यालयों की छुट्टी होती है ताकि सभी बहने अपने भाइयों को raki बांध सकें।

शहर हो या गांव इस त्योहार को मानने की उत्साह हर जगह देखने को मिल जायेगा। अलग अलग मिस्ठान / मिठाइयां सबको बांटी जाती है, त्यौहार को मिलजुलकर मानने का अलग ही मजा होता है, कई जगहों पर इसे सामूहिक तौर पर एक साथ मनाया जाता है।

रक्षाबंधन या राखी का पर्व क्यों मनाया जाता है?

यह इसलिए मनाया जाता है क्योंकि जब बहन अपने भाई के कलाई पर राखी बांधती है तो इसके बदले भाई का कर्तव्य होता है कि वह अपने बहन की रक्षा करे या अपने कर्तव्य को समझे। रक्षाबंधन एक बहन अपने सगे भाई या माने हुए भाई मतलब जिसे वो भाई मानती है उसे भी राखी बांध सकती है।

भारतीय त्योहारों को लेकर हमारे यहां कई मान्यताएं हैं दीपावली, दशहरा, होली आदि पर्व को मनाए जाने के पीछे भी धार्मिक मान्यताएं छुपी होती है इसके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता होता है।

रक्षाबंधन को लेकर भी हिंदू पौराणिक कथाएं हैं: मान्यता के अनुसार महाभारत में जब भगवान श्री कृष्ण का युद्ध शिशुपाल के साथ हुआ था तो उस समय कृष्ण के एक उंगली में चोट लग गई थी तो उस समय द्रौपदी ने अपनी साड़ी को पट्टी के लिए फाड़कर उसे कृष्ण के उंगली में बांध दिया था। जिस दिन को द्रौपदी ने कृष्ण के उंगली पर पट्टी बांधी थी वह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा का था।

इसके बाद जब द्रौपदी चीर हरण हुआ था तब श्री कृष्ण ने बदले में उनकी रक्षा की थी।

इसी प्रकार एक मान्यता यह भी है कि जब भगवान विष्णु वामन अवतार में राजा बलि के पास तीन पग जितना दान मांगने गए। तो इतना छोटा दान समझकर बलि तुरंत मान गया लेकिन जब वामन ने अपना आकार बढ़ाया तब अपना पहला पग (कदम) से ही विशाल पृथ्वी को नाप लिया, यह देख सभी आश्चर्यचकित हो उठे पर इसे देखकर राजा बलि समझ गया कि वह वामन रूप में भगवान विष्णु है। उसने वामन को प्रणाम किया और अगला कदम उसके सिर पर रखने को कहा। उस वक्त भगवान विष्णु बहुत प्रसन्न हुए और राजा से वरदान मांगने को कहा तब बलि ने उनसे वरदान मांगा की वे उसके द्वार पर ही खड़े रहे। उन्होंने इस वरदान को पूरा किया इस समय विष्णु अपने ही दिए वरदान में फंस गए थे क्योंकि वरदान के अनुसार उन्हें बलि के द्वारा पर ही खड़ा रहना था। तत्पश्चात माता लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधी और उपहार स्वरूप उन्होंने भगवान विष्णु को मांगा, भाई का कर्तव्य समझते हुए बलि ने उनकी बात मान ली। इनके अलावा रक्षाबंधन (rakshabandhan festival) से जुड़ी कई अन्य पुराणिक कहानियां तथा मान्यताएं भी हैं।

रक्षाबंधन से जुड़ी कहानियां 

ऐसा माना जाता था कि जब राजपूत लड़ाई करने जाते थे तब महिलाएं उनके मस्तिष्क पर तिलक और हाथ की कलाई पर रेशमी धागा बांध देती थी इसके पीछे उनका यह विश्वास था कि ऐसा करने से वे युद्ध में विजई होंगे। 

इसी पर एक और कहानी है: जब बहादुर शाह ने मेवाड़ पर हमला करने की योजना बनाई तो उसकी खबर मेवाड़ की रानी के पास पहुंची उस वक्त मेवाड़ की रानी कर्मावती इस युद्ध को लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी इसलिए उन्होंने मुगल के बादशाह हुमायूं को एक राखी भेज कर अपनी रक्षा के लिए विनती की, इस विनती को स्वीकारते हुए तथा राखी की लाज रखते हुए उन्होंने रानी कर्मावती और मेवाड़ की रक्षा की थी। इतना ही नहीं इसके अतिरिक्त अन्य ऐतिहासिक कहानियां भी शामिल है रक्षाबंधन के पर्व को मनाने के पीछे।

आधुनिक युग में राखी का त्यौहार

सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजना बेहद आसान हो चुका है इसका प्रभाव राखी के त्योहार पर भी देखने को मिलता है भारत के त्यौहार रक्षाबंधन के दिन कई भाई अपनी बहन से दूर अन्य देशों में रहते हैं कार्य में व्यस्त होने की वजह से वह तुरंत भारत में नहीं आ सकते ऐसे में तकनीकी माध्यम से राखी का पर्व मनाया जाता है। अभी के समय में राखी को किसी भी इकॉमर्स वेबसाइट से आर्डर किया जा सकता है और उसे डाक के माध्यम से पते पर भेजा जा सकता है आज के आधुनिक युग में यह भी एक तरीका बन गया है राखी का पर्व मनाने का। कई लोग तो व्हाट्सएप पर राखी का फोटो भेजते हैं और भाई भी उपहार के तौर पर उपहार की फोटो अपनी बहन के पास भेजता है, हालांकि यह तभी होता है जब भाई बहन एक दूसरे से बहुत दूर रहते हैं। 

सोशल मीडिया के जमाने में रक्षाबंधन का त्यौहार

आज के समय में ऐसा कोई त्यौहार नहीं होगा जिसकी बधाइयां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ना दी जाती हो,सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम बन चुका है जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति किसी त्योहार के अगले दिन ही एडवांस में पर्व की शुभकामनाएं भेजता है। व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया एप्लीकेशन पर संदेशों को बड़ी ही रोचक तरीके से लिखा और भेजा जाता है जिसमें शायरी, विशिंग स्क्रिप्ट वाली वेबसाइट का लिंक और रक्षाबंधन की बधाई देते हुए एक वीडियो क्लिप भी भेजी जाती है। 

रक्षाबंधन पर सस्ती तथा महंगी राखियां 

राखी या रक्षा सूत्र प्यार का धागा होता है जिसे बहन अपने भाई के कलाई पर बांध लेती है किंतु अभी के जमाने में तरह-तरह के बनावट वाले राखियां मिलती है जो पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक होते हैं कुछ बहुत सस्ती और कुछ बहुत ज्यादा महंगी होती है कुछ बहने तो सोने चांदी जड़े हुए राखी अपने भाई को बांधते हैं कहीं ना कहीं देखा जाए तो राखी में थोड़ा बहुत दिखावा भी होने लगा है, रक्षाबंधन में महत्वपूर्ण होता है एक राखी, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि राखी सस्ती है या महंगी लेकिन आपकी भावना अच्छी होनी चाहिए।

देश के बॉर्डर पर रक्षाबंधन 

हमारी सुरक्षा के लिए देश की सीमाओं पर दिन रात खड़े रहने वाले भारतीय सेना इस प्रतीक्षा में रहती है कि कोई उनके कलाई में राखी बांधे किंतु अपने कर्तव्य की वजह वे घर वापस नहीं आ सकते, ऐसे में भारतीय महिलाओं तथा बहनों द्वारा उनकी कलाइयों में प्रतिवर्ष रेशम की डोर (Raksha Bandhan) बांधी जाती है, सीमाओं पर त्यौहार जैसा माहौल बन जाता है। 

निष्कर्ष 

भाई-बहन जो एक दूसरे के साथ एक ही घर में छोटे से बड़े होते हैं जिनके बीच में थोड़ी-बहुत नोकझोंक और तकरार होती रहती है प्रयाग सिर्फ कुछ देरी के लिए होता है क्योंकि दो भाई या भाई-बहन अधिक देर तक एक दूसरे से नाराज नहीं रह सकते। रक्षा बंधन एक ऐसा सूत्र है जिसमे बहन का विश्वास और भाई का कर्तव्य छुपा होता है। 

FAQs: About - Raksha Bandhan Festival in Hindi

(1) रक्षा बंधन क्या है?
रक्षाबंधन भाई बहन का त्यौहार है जिसमें बहन अपने भाई के माथे पर टीका लगाती है और कलाई पर राखी बांधती है। 

(2) रक्षा बंधन त्यौहार कब मनाया जाता है?
भाई-बहन के इस त्यौहार को श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

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