Water Pollution Essay in Hindi - जल प्रदूषण पर निबंध

एक बार फिर से आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज के इस ब्लॉग के माध्यम से हम Water Pollution Essay in Hindi - जल प्रदूषण पर निबंध के बारे में पढ़ेंगे, पानी जीवन के लिए बहुत जरूरी होता है इसके बिना कोई भी प्राणी धरती पर जीवित नहीं रह सकता, आज का यह देख बहुत ही लाभप्रद होने वाला है क्योंकि इसमें आपको जल प्रदूषण से जुड़ी कई जानकारी मिलेगी।

Water Pollution Essay in Hindi - जल प्रदूषण पर निबंध

Water Pollution Essay in Hindi - जल प्रदूषण पर निबंध
जल प्रदूषण पर निबंध

प्रस्तावना

जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती यह बहुत अनिवार्य होता है धरती पर जीवन यापन करने के लिए, पशु पक्षी तथा मनुष्य दिन में कई बार जल ग्रहण करते हैं जो शरीर में प्यास बुझाकर ऊर्जा देती है, जल का विस्तृत तथा पर्याप्त भंडार कहीं पर है तो वह पृथ्वी है जहां आसानी से जीवन यापन करना संभव है। जल की कीमत समझते हुए हमें जल संरक्षण पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में पानी की समस्याओं से बचा जा सके।

हमारे जीवन में जल का महत्व - Importance of Water in Hindi

मनुष्य के जीवन के लिए जल कितना अनिवार्य है यह हर प्राणी भली भांति जानता है कहा जाता है जल है तो कल है मतलब जल के बिना कोई भी व्यक्ति अधिक दिनों तक जीवित नहीं रह सकता जिस तरह जीवन के लिए हवा महत्वपूर्ण होता है उसी तरह जीवन जीने के लिए जल का होना भी आवश्यक है।


व्यक्ति के जीवन में जल के कई महत्व है वन्य प्राणी तथा पशु पक्षी भोजन करके या थक कर तालाबों नदियों नहरों आदि जगहों पर बहने वाले पानी की धाराओं में अपनी प्यास बुझाते हैं सोचिए यदि जल ही ना हो तो वन्य प्राणी अपनी प्यास कहां बुझायेंगे? मनुष्य अपने स्वार्थ और लापरवाही के कारण हर दिन ना जाने कितना पानी व्यर्थ बहाता है बिना इसकी परवाह किए कि भविष्य में व्यर्थ पानी बहाने की यह आदत हमें मुश्किल परिस्थिति में डाल सकता है।

जल प्रदूषण - Water Pollution Essay in Hindi

आधुनिक युग में भले ही हमें नए नए अविष्कार देखने को मिले हैं किंतु आविष्कारों को पूरा करने तथा अलग-अलग प्रकार की प्रयोगों को करने में ना जाने कितने सारा पानी बर्बाद हुआ है आजकल भी बड़े बड़े कारखानों में पानी का उपयोग होता है उत्पादों के निर्माण में किंतु कार्य के बाद गंदे पानी या अपशिष्ट पदार्थों को नदियों में बहा दिया जाता है जो नदियों के स्वच्छ जल को प्रदूषित करते हैं।


श्रद्धा भक्ति के लिए हम मंदिर तथा तीर्थ स्थानों पर दर्शन के लिए जाते हैं पर प्रकृति पर ध्यान दिए बिना उसके साथ खिलवाड़ करते हैं अभी के समय में श्रद्धालु दर्शन करने के बाद पूजन सामग्री के पैकेट जैसे धूप तथा अगरबत्ती का खाली डिब्बा, नारियल का छिलका और प्लास्टिक की बनी वस्तुओं को दर्शनीय स्थान पर स्थित तालाब तथा नदियों में फेंक देते हैं जो बहकर ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं जहां पालतू पशु प्रदूषित नदी के जल का सेवन करके बीमार पड़ जाते हैं। बेजुबान जानवर इसके बारे में किसी से कह नहीं सकते लेकिन हम इंसानों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और जल प्रदूषण रोकने पर विचार करना चाहिए।

जल प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण

जल तथा किसी भी प्रकार की प्रदूषण का मुख्य कारण मनुष्य की लापरवाही ही है जब मनुष्य को प्यास लगती है तब वह पानी के नल की ओर रुख करता है लेकिन वही व्यक्ति दूसरी ओर पानी को व्यर्थ बहता है। प्रदूषण रोकने के लिए कई आंदोलन शुरू किए जाते हैं पर उस पर अमल बहुत कम लोग करते हैं।


प्लास्टिक से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है या हम सभी को पता है लेकिन फिर भी हम प्लास्टिक का ही अत्यधिक उपयोग करते आ रहे हैं इसी तरह जल प्रदूषण के बारे में हम मनुष्यों को भली-भांति पता है पर इसके निवारण के लिए किसी के पास वक्त ही नहीं है। घरों के बाहर सड़कों के किनारे नालियों पर गंदा पानी जमा हो जाता है जिसमें कीटाणु पनपते हैं पर इसे साफ करने की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं जाता।


महानगरों से निकलने वाले गंदे पानी तथा मल-मुत्र को नालियों के द्वारा नदियों या समुद्र में बहा दिया जाता है जो नदियों के पानी को प्रदूषित करता है, इससे जलीय जीव जंतुओं को नुकसान पहुंचता है।

जल प्रदूषण कैसे रोके - जल प्रदूषण रोकने के उपाय

जल प्रदूषण को रोकने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं अपने छोटी-बड़ी आदतों में सुधार लाकर जल प्रदूषण काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नालियों में गंदा पानी जमा ना रहने दे

हमारे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल की निकासी के लिए पर्याप्त जगह होती है किंतु शहरी क्षेत्रों में वर्षा के पानी की निकासी के लिए नालियों का उपयोग होता है लेकिन नदियों का निरीक्षण ना करने या ध्यान ना देने की वजह से उसमें कचरा जमा हो जाता है जो पानी के बहाव को रोक देता है इससे पानी नाली से बाहर सड़कों पर बहने लगती है या नालियों में जमा हो जाती है जो जल प्रदूषण करता है हमें जल प्रदूषण कम करने के लिए गंदा पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।

जल प्रदूषण रोकने हेतु जागरूकता

हमें लोगों को उनकी जिम्मेदारी समझा नहीं चाहिए जल प्रदूषण रोकने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करनी चाहिए क्योंकि एक व्यक्ति के द्वारा जल प्रदूषण को कम नहीं किया जा सकता किंतु जब हर व्यक्ति साफ-सफाई का ख्याल रखेगा तो अपने आप जल प्रदूषण की समस्या कम हो जाएगी।

खेती में खतरनाक कीटनाशकों का उपयोग नहीं करना चाहिए

फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए फसलों में जहरीला कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है जो वहां के जल को दूषित करता है

सफाई पर ध्यान देना होगा

घर के बाहर नाली या गड्ढों पर पानी जमा होने ना दे, जल संग्रहित करने वाले जगहों जैसे पानी टंकी आदि की समय समय पर सफाई करती रहनी चाहिए।


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उम्मीद करता हूं आपको आज का यह लेख Water Pollution Essay in Hindi - जल प्रदूषण पर निबंध पसंद आया होगा अगर आपको पोस्ट अच्छा लगा तो इसे अन्य मित्रों के साथ भी शेयर करें इसी तरह के लेख हमारे ब्लॉग पर प्रकाशित की जाती है जिसमें अलग-अलग विषयों पर निबंध पोस्ट की जाती है, यदि आपको निबंध पढ़ना पसंद है तो हमारे ब्लॉग पर पढ़ सकते हैं. 
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