शिक्षा में कंप्यूटर का महत्व पर निबंध हिन्दी में

शिक्षा में कंप्यूटर बहुत पढ़ा महत्व है, जहां तकनीक इतनी तेज़ी से बढ़ी है उसके साथ साथ पढ़ाई लिखाई के तरीकों में भी बदलाव आया है। देशभर में जब लॉकडॉन का माहौल चल रहा था तब विद्यार्थी कंप्यूटर से ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे थे, इसी ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा की वजह से छात्रों का पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रहा।

शिक्षा में कंप्यूटर का महत्व पर निबंध

शिक्षा में कंप्यूटर का महत्व पर निबंध हिन्दी में


पढ़ाई में अलग अलग तरीके से कंप्यूटर्स का उपयोग होता है, जो एजुकेशन को और आसान बना देते हैं, इसमें बच्चे न केवल लिखावट के जरिए बल्कि वीडियो के रूप में भी पढ़ाई को समझ पाते हैं।

यदि स्कूलों और कॉलेजों के परीक्षा के पेपर बनानी हो तो इसके लिए कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग होता है जिसमें वर्ड और एक्सेल आदि सॉफ्टवेयर का उपयोग करके पेपर्स तैयार किए जाते हैं, जब पेपर पूरी तरह से तैयार होता है तो उसे प्रिंटर मशीन के जरिए पेज पर छपते हैं और यह बिना कंप्यूटर के संभव नहीं होता।

जब दसवीं और बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया जाता है तब ऑनलाइन तरीके से ही वह परिणाम देख सकते हैं इसमें मोबाइल फोन में कंप्यूटर का उपयोग होता है इसके अलावा यदि आगामी परीक्षा की तैयारी करनी है या परीक्षा फॉर्म भरना हो तो यह सभी ऑनलाइन कंप्यूटर के माध्यम से होने लगा है।

अब तो कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए भी ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है जिसमें अपने मन मुताबिक कालेजों का चुनाव कर सकते हैं जिनमें विद्यार्थी का परसेंटेज के आधार पर कॉलेज में एडमिशन निर्धारित किया जाता है।

आजकल स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को ऐसे ऐसे प्रोजेक्ट दिए जाते हैं जिसे पूरा करने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है माइक्रोसॉफ्ट एक्सल पावरप्वाइंट की हेल्प से प्रोजेक्ट तैयार करना और उसे शिक्षकों के सामने प्रेजेंट करना यदि कंप्यूटर ना हो तो डिजिटल तरीके से प्रोजेक्ट पूरी करना असंभव हो जाएगा।

पुस्तकों की छपाई में कंप्यूटर 

पढ़ाई के लिए किताबें बहुत आवश्यक होती है लेकिन खाली पन्ने पर लिखने के लिए भी कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है। कीबोर्ड की सहायता से एक एक अक्षर, अंकों, रेखाओं और चित्रों को सॉफ्टवेयर में पेज पर लिखा जाता है बाद में उसे प्रिंटर पर प्रिंट किया जाता है तब जाकर पेज पर लिखावट छपती है। इसी प्रकार हजारों - लाखों प्रतियां छापी जाती है और एक एक पेज को एक पुस्तक के अनुरूप व्यवस्थित करके उसे किताब का रूप दिया जाता है। हजारों किताबें बनने के बाद उसे ऑनलाइन स्टोर्स और बाजारों में बेचा जाता है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए राज्य सरकार पुस्तकें सीधे विद्यालयों तक पहुंचाती है और पुस्तक छात्रों में वितरित कर दिए जाते हैं।

स्कूल के किताब की गाइड या परीक्षा सार, परीक्षा का प्रश्न पुस्तिका आदि कंप्यूटर के द्वारा ही लिखे जाते हैं और प्रिंटर के द्वारा छापे जाते हैं।

सवालों के जवाब प्राप्त करने में कंप्यूटर 

डिजिटल युग में किसी भी प्रश्न का उत्तर ढूंढना बहुत ही आसान हो गया है, मान लीजिए आपके मन में कोई प्रश्न आ जाता है जिसका जवाब आपको तुरंत चाहिए तो इसके लिए आप कंप्यूटर चालू करके गूगल में जाकर तुरंत अपना जवाब प्राप्त कर सकते हैं, इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है। स्कूली बच्चों के लिए कंप्यूटर ज्ञान का भंडार है इसकी मदद से सामान्य ज्ञान, समाचार, ज्ञान की बातें, गणित से संबंधित जवाब या मदद आदि प्राप्त किया जा सकता है।

दुनियाभर की किसी भी पुस्तक की जानकारी आपको इंटरनेट पर मिल जाती है, ऐसा नहीं है की आप केवल कंप्यूटर के ज़रिए प्रश्नों का उत्तर पा सकते हैं आप मोबाइल फोन की मदद से भी ये सारी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

रीसर्च करने में

वैज्ञानिकों के लिए कंप्यूटर बहुत उपयोगी होता है किसी वस्तु या प्रयोगों के बारे में गहन अध्ययन व् रीसर्च करने के लिए, इसी तरह यह उन विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी है जो विज्ञान, रसायन और भौतिकी जैसे विषयों की पढ़ाई कर रहे है। इन विषयों में किसी कांसेप्ट या प्रयोगों, डायग्राम आदि को समझने के लिए कंप्यूटर के बड़े स्क्रीन में एनिमेशन या चित्रों की मदद ले सकते हैं।

निष्कर्ष

आधुनिक युग में यदि कंप्यूटर ना हो तो शिक्षा संबंधी कई कार्य रुक सकता है, पुस्तकों की छपाई, डिजिटल फॉर्म भरना या स्कूलों का ऑनलाइन फीस भरना आदि कार्य कंप्यूटर के बिना संभव कदापि नहीं होगा। कंप्यूटर आज की जमाने में बहुत महत्वपूर्ण है किसी भी कार्य को करने के लिए या स्टूडेंट की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए। इसकी कुछ नुकसान भी हो सकते हैं पर यह उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करता है यदि इसे सही मकसद से उपयोग में लाया जाए तो इससे कोई नुकसान नहीं है।

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